यारियाँ भी हैं. .. .



ऐसा नहीं है कि मेरी मोहब्बत में कुछ कमी है,
मगर घर भी है, और ज़िम्मेदारियां भी हैं,

मुफ़लिसी में मेरी, वो ही काम आयेंगे,
तुम्हें छोड़ के मेरी कुछ तरफ़दारियां भी हैं,

बस यही ख्याल उतरता नहीं है दिल से,
तुम हो अगर तो क्यूँ ये, वीरानियाँ भी हैं,

मान तो जाती हो तुम, आराम से, यूँ ही,
मगर फ़िर भी न जाने क्यूँ, रुसवाइयां भी हैं,

दिन का सबसे ज्यादा समय तुम्हें ही तो देता हूँ,
अरे! कुछ देर तो बख्श दो, यारियाँ भी हैं,

जिन्दगी की गाड़ी है, आहिस्ते ही जाना है,
सिर्फ़ मैं ही नहीं, सवारियाँ भी हैं,

और तुम्हें साथ चलना है तो चलो मुझे दिक्कत नहीं,
वरना ज़िन्दगी में और, तलबगारियाँ भी हैं. .. .

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