बदल गए


यादों के कबूतरआज फिर
ख़ाली हाथ लौट आए
कोई ना मिला पते पेआज फिर
मेरी चिट्ठी छोड़ आए । 

मकाँ तो वही है
किरायेदार बदल गए
वफ़ा तो वही है
वफ़ादार बदल गए । 

वक़्त रुक गया, आज फिर 
कि तुम याद आए 
बमुश्किल नींद आयी, आज फिर 
तुम्हारे ख़्वाब आए

तलब तो वही है 
तलबगार बदल गए
यारी तो वही है 
बस यार बदल गए

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